Sunday, September 25, 2011

हर रोज़ रात रूठ जाती है

हर रोज़ रात रूठ जाती है,
उसकी याद में हर बार, बस बीत जाती है,
चाहता बहुत हूँ 'एक बार' रात को मनाने की,
मगर रात की हर शुरुवात में, 'वो' चली आती है.
हर रोज़ रात रूठ जाती है.

हर रोज़ बंद करता हूँ आंखे, रात का साथ निभाने को,
मगर बंद आंखे में ख्वाबो का हाथ थाम,वो फिर जाग जाती है.
जब भी होता हूँ रात में, तन्हाई के शोर के साथ,
वो दिन में हुई हमारी 'नज़रों की बात' के एहसास से, फिर मुझे उस महफ़िल के मजधार कर जाती है,
हर रोज़ रात रूठ जाती है.

जब भी करता हूँ सवाल अपनी हर गुज़र रही रात से,
वो जाते हुए 'बस एक बार पलट कर',फिर दे देती है जवाब उन सारे सवाल के.
जब भी होता हूँ बेचैन रात के अँधेरे में, उन 'अनकहे जज्बातों' के वार से,
कर देती है वो एक 'अजीब से सुकून' से रूबरू ,लेकर 'मेरे नाम' के अल्फाजो को बस 'थोड़े से प्यार से',
हर रोज़ रात रूठ जाती है.

जब भी करता हूँ बात मेरी इस हमराज़ रात से,
वो हर बात में कहती है- कब तक चाहोगे उसे,बिना उसकी चाहत के इकरार से,
उफ्फ्फ, 'उस दिन' चाँद कुछ जादा ही  चमकने लगता है अपनी चांदनी के 'साथ' से,
और रात फिर रूठ जाती है बस मेरी एक 'हल्की सी मुस्कान' से......

Sunday, September 11, 2011

अए चाहत मेरी सुन ज़रा आज थोड़ा थक गया हूँ......

अए चाहत मेरी सुन ज़रा आज थोड़ा थक गया हूँ......
यू ख्वाहिशो के बोझ से आज थोड़ा झुक गया हूँ.
थक गया हूँ हर रोज़ को "काश" से सवारते,
अब तो शायद खुद से भी और शायद गिर गया हूँ,
चाहता हूँ  "कुछ" जीत कर हर "हार" को समझाना...
पर अब तो कुछ जीतने क़ि प्रीत ही हर रोज़ हारती है...

अए चाहत मेरी सुन ज़रा आज थोड़ा थक गया हूँ....

चाहता हूँ नींद में सुकून को तलाशना,
पर अब तो हर "तलाश" में टूटते ख्वाब ही सवारता हूँ.....
चाहता हूँ एक बार "थक-कर", "उनकी" गोद में सोना,
पर उनकी निगाह में, हम कभी थकते ही नहीं.....
थक गया हूँ आगाज़ की "निगाहों" से मंजिले निहार कर,
पर अब तो आगाज़ क़ि चाहत ने ही कई "रस्मे" निभाई है....

अए चाहत मेरी सुन ज़रा आज थोड़ा थक गया हूँ.......

"तुम जैसा हसीन इस दुनिया में कोई नहीं...
तेरी सादगी में भी कहीं कोई कमी नहीं....
और तुम्हारी निगाहों से निगाहें मिलने पर -
ऐसे धड़का मेरा दिल क़ि जैसे कभी धड़का ही नहीं"
चाहता हूँ एक बार "उसे" ये "सब" बताना
पर मेरी "चाहतों" क़ि "चाहत" अभी मेरी है हे नहीं... 

अए "चाहत" मेरी सुन ज़रा आज थोड़ा थक गया हूँ ......